निरावेशन की शून्यता मुझे मंजूर नहीं है ....
मैं
तुम
मदहोश
फिर भी
खामोश;
गुमसुम
मगर ये
चुगलखोर तुम्हारी
वाचाल कुमकुम
ये क्या कर गयीं
सारी दास्तान
बयाँ कर गयी --
कुमकुम खमोशी की आवाज बन गयी। बहुत खूब वर्मा जी।सादर श्यामल सुमन 09955373288 www.manoramsuman.blogspot.comshyamalsuman@gmail.com
ऐसी भावनाये की बिना बहे नही रहा जा सकता.......बहुत सुन्दर वर्मा जी
varma sahab,chhoti-si, adhuri-si puri kavita, kya kahne wah-wah!!!Sadar
अरे चुगलखोर कुमकुम तुम ये क्या कर गयी... कैसे एक नज़्म की वजह बन गयी.... :)
Wah -- Wah kya kahne
bahut hi thode se shbdon mein aap ne ek poori kavita kya kahen kahani hi kah di hai..bahut khuub!
कुमकुम खमोशी की आवाज बन गयी। बहुत खूब वर्मा जी।
जवाब देंहटाएंसादर
श्यामल सुमन
09955373288
www.manoramsuman.blogspot.com
shyamalsuman@gmail.com
ऐसी भावनाये की बिना बहे नही रहा जा सकता.......बहुत सुन्दर वर्मा जी
जवाब देंहटाएंvarma sahab,
जवाब देंहटाएंchhoti-si, adhuri-si puri kavita, kya kahne wah-wah!!!
Sadar
अरे चुगलखोर कुमकुम तुम ये क्या कर गयी... कैसे एक नज़्म की वजह बन गयी.... :)
जवाब देंहटाएंWah -- Wah kya kahne
जवाब देंहटाएंbahut hi thode se shbdon mein aap ne ek poori kavita kya kahen kahani hi kah di hai..
जवाब देंहटाएंbahut khuub!