शुक्रवार, 1 मई 2009

भोजपुरी गीत

देसवा क हमरे समाचार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा


कउने खेतवा में चना बोआयल
कइसे बगइचा से लकड़ी ढोआयल
केतना भयल बनिया क उधार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा

अबकी कटहर क केकर हौ पारी
बऊर आ गयल होई अमवा के डारी
मचल होई भौरन क गुंजार हो हमके तू बातावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा

गेहूं के पानी मीलल की नाहीं
गिरल बरधा अबले हीलल की नाहीं
फूलल होई सरसों अपार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा

गउवां के हमरे पुरवैया छुवत होई
टप-टप भोरहरी में महुवा चुवत होई
बीनत होई माई हमार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा


घर के खपड़ा पे कदुआ चढ़ल होई
अबकी त बछवा के नाथी नढ़ल होई
भुलाई गइल अमवा क अचार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा

बाबु अम्मा हमके जोहत त होइह
अपने बतिया से सबके मोहत त होइह
ओनसे कहा आइब अबकी बार हो हमके तू बतावा
फागुन क ठंडी बयार हो हमके तू बतावा

1 comments:

abhishek ने कहा…

Chhoo lehlesh kareza hamar ho sabke too batawa.

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