सोमवार, 20 सितंबर 2010

व्यस्तताओं का दौर, 100 वीं रचना और ...

लगभग एक माह की लम्बी व्यस्तता .. इतनी कि ब्लाग जगत से सर्वथा दूर कर दिया. इस दरमियान महज एक रचना 'जज्बात' ब्लाग पर. बाद में पता चला कि यह तो इस ब्लाग पर मेरी 100वीं रचना थी. इस सफर के इस शतक पर आभार उन तमाम हमसफर का जिन्होंने इस मुकाम तक लाने में अप्रतिम भूमिका निभाई; जिनके हौसला आफ़जाई के बिना यह सफर अधूरा ही रहता. इस बीच संगीता स्वरूप जी का ई मेल जिसमे उन्होंने मेरी अनुपस्थिति (ब्लागजगत से) का कारण जानने की इच्छा व्यक्त किया है, अभिभूत कर गया. ब्लागजगत की शायद यही तो उपलब्धि है. आज यहाँ मैं उसी 100 वीं रचना का लिंक दे रहा हूँ जो मैने लगभग एक माह पूर्व ब्लाग पर पोस्ट किया था, जिन्होंने पहले ही पढा है उनका आभार और जिन्होने नहीं पढा है उनसे पढ़ने का आग्रह. नई रचना एक दो दिन में ...

धन्यवाद !

'जज्बात' पर मेरी 100वीं रचना 

ठूस ठूस कर भरी जा रही है रोशनी ~ ~

7 comments:

सुज्ञ ने कहा…

बधाई, वर्मा जी,
और शुभकामनाएं

संगीता स्वरुप ( गीत ) ने कहा…

१०० वीं पोस्ट की बधाई ...

शुक्रिया

डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) ने कहा…

बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

वन्दना ने कहा…

१०० वीं पोस्ट की बधाई ....और शुभकामनाएं.

हास्यफुहार ने कहा…

बहुत-बहुत शुभकामनाएँ!

वाणी गीत ने कहा…

१०० वीं पोस्ट की बधाई और शुभकामनाएं..!

शरद कोकास ने कहा…

बधाई स्वीकार करें ।

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