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शुक्रवार, 11 मई 2012

जब से पत्थर इतने रंगीले हो गए …

आईनों के चेहरे
पीले हो गए
जब से पत्थर इतने
रंगीले हो गए
.
आईना
टूटकर बिखर जाता है
जब भी खुद को
आईने के सामने पाता है
.
आईना
उनकी आँखों के ‘आईने’ में
खुद को निहारता है,
वे संवरने आयें
इससे पहले ही
खुद को संवारता है