आज फिर
बम धमाका हुआ है,
प्रशासन फिर
नींद से जाग गया है.
लाल बत्ती युक्त गाड़ियाँ
फिर दौड़ने लगी हैं सड़कों पर
बैरकें लगा दी गयी हैं,
सड़क पर आवाजाही
प्रतिबन्धित कर दी गई हैं.
फिर
दिनचर्या को बार-बार
उलाहने दिये जायेंगे;
खुफिया कैमरे की
नई प्लान बनेगी;
हर आम आदमी को
रखा जायेगा सन्देह के दायरे में;
पूरा शहर रौशन होगा
कैमरे के फ्लैश से;
प्रायोजित जीजिविषा की तस्वीरें
बाँटी जायेंगी.
सरकार चाक-चौबन्द है
कुछ रातें नज़रों में ही
काटी जायेंगी,
फिर इंतजार किया जायेगा
जीवन सामान्य होने तक
तब तक नींद फिर हाबी होगी
प्रशासन की आँखों में
वह फिर सो जायेगी
अगला धमाका होने तक.